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खाद्य तेल 2021 कीमतों में बढ़ोतरी हुई तथा अन्य तिलहन तेलों का भाव बढ़ा।

किसान मंडी भाव वेब पोर्टल पर आपको आज बताने जा रहे हैं किस सरसों तेल की कीमत और रिफाइंड के तेल के भाव में किस प्रकार बढ़ोतरी हो रही है।

 

खाद्य तेल 2021 कीमतों में हुई बढ़ोतरी -: सरसों तेल की कीमत और रिफाइंड तेल के भाव में भी तेजी आई।

आइए जानते हैं कि सरसों तेल की कीमत बढ़ोतरी के कारण अन्य तेल के दामों में किस प्रकार का अंतर आया है।

सरसों तेल की कीमत में वृद्धि -: हाल ही में सरसों के बढ़ते दाम के कारण बाजार में सरसों के तेल एवं अन्य रिफाइंड ऑयल की कीमतों में भी बढ़ोतरी पाई गई है। खाद्य तेल में सबसे महत्वपूर्ण सरसों का तेल माना जाता है। वर्तमान सरसों तेल की कीमत ₹155 प्रति लीटर है। यह कीमत पिछले साल अप्रैल महीने के कीमत से 72% ज्यादा है।

सरसों तेल के बढ़ते भाव का कारण?

सरसों तेल के दाम में बढ़ोतरी का कारण उसकी बाजार में बढ़ती मांग है। भारत में मध्यम से निम्न वर्ग के लोग खाद्य तेल में सबसे अधिक सरसों के तेल का  रसोई एवं खाना बनाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। सरसों तेल के भाव में तेजी आना घरेलू स्तर पर लोगों को उनकी आर्थिक स्थिति में बाधा डालता है।

सरसों तेल की बढ़ती मांग का प्रमुख कारण यह है कि रेस्तरां, शादी समारोह, होटल तथा घरेलू स्तर पर खाद्य पदार्थ बनाने के लिए पहले से ज्यादा इस्तेमाल किया जाने लगा है और इसीलिए बाजार में सरसों के दाम में तेजी आई है। सरसों का तेल सेहत के लिए भी बहुत लाभकारी है। यह अन्य विदेशी कंपनियों के ऑयल की तुलना में सस्ता और गुणकारी होता है।

सरसों तेल के भाव में तेजी आने के कारण लोगों का ध्यान अब मक्का और मूंगफली तेल की ओर जाने लगा है। अब शादी समारोह, नमकीन फैक्ट्री और होटलों में भी इन तेलों की मांग बढ़ रही है जिसके कारण इन तेल की कीमतों में भी उछाल हो रहा है।

सरसों तेल की कीमत में उछाल और तिलहन तेल उत्पादन को प्रोत्साहन

खाद्य या सरसों के तेल में पाए जाने वाले शुद्धता के स्तर के कारण उनकी कीमतों में बढ़ोतरी जारी है परंतु खाद्य तेल में हुए इस परिवर्तन से अर्थव्यवस्था पर कोई भी बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा बल्कि अर्थव्यवस्था एक सकारात्मक रूप में विकास करेगी।

सरसों तेल की कीमत, सोयाबीन तेल का भाव, मूंगफली और मक्का तेल की कीमतों में तेजी आने से किसानों को सकारात्मक रूप से लाभ होगा क्योंकि इन तेल की बढ़ती मांग के कारण उत्पादन बढ़ेगा किसान सरसों मूंगफली मक्का सोयाबीन की खेती कर अच्छे दामों पर सरकार को बेच सकेंगे। किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और देश में विदेशों से आयात किए जाने वाले तेल की मात्रा को कम किया जाएगा तथा घरेलू तेल आयात और निर्यात में बढ़ोतरी की जाएगी जिससे अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

खाद्य तेल में बढ़ोतरी और विभिन्न तेलों के थोक भाव

किसान मंडी भाव वेब पोर्टल पर आपको विभिन्न तेलों की जानकारी इस प्रकार मिलेगी -:

सरकार का किसानों को तिलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहन और खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों पर रोक का प्रयास

भारत में सरसों तेल के उत्पादक दो मुख्य राज्य हरियाणा और राजस्थान हैं। राजस्थान में बड़े स्तर पर सरसों के तेल का उत्पादन किया जाता है। हाल ही में सरसों के तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है तथा इसी वजह से स्थानीय लोगों का ध्यान अन्य खाद्य तेलों की ओर बढ़ा है। सरसों की तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सरकार को अन्य तिलहन तेलों के उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि विदेशों में भी इन तेलों का निर्यात किया जा सके और भारत आर्थिक रूप से सशक्त बन सके।

उम्मीद है आपको किसान मंडी भाव वेब पोर्टल पर आपको सरसों तेल की कीमत, सोयाबीन तेल की कीमत तथा अन्य तिलहन तेल के बारे में जानकारी मिल गई होगी।

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