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Mushroom ki kheti kaise karen (mushroom farming in india)

किसान मंडी भाव वेब पोर्टल पर आपको अनाज मंडी दाम, मौसम, फसल की जानकारी एवं कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के बारे में जानकारी प्राप्त होगी। किसान मंडी भाव के वेब पोर्टल पर आज हम भारत में मशरूम फार्मिंग क्या है? मशरूम फार्मिंग कैसे करते हैं? इस बारे में आपको संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएंगे।

MUSHROOM FARMING IN INDIA

मशरूम एक पौधा है जो कि फंगस से बना होता है। जिन किसानों के पास जमीन की कमी है परंतु वह ज्यादा कमाना चाहते हैं तो उन्हें जरूर ही मशरूम की खेती करनी चाहिए। बाजार में मशरूम की मांग जितनी है उससे कम उसकी खेती होती है। ऐसे में कई किसान मशरूम की खेती करके अच्छा खासा कमा रहे हैं। अब तो भारत में भी मशरूम फार्मिंग (MUSHROOM FARMING IN INDIA) शुरू हो गई है। हाल ही के वर्षों में राजस्थान तथा हरियाणा के क्षेत्रों में किसानों ने मशरूम फार्मिंग करना शुरू कर दिया है और भारत के ठंडे प्रदेशों जैसे हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में भी मशरूम की खेती की जाने लगी है। मशरूम की बढ़ती मांग के कारण किसानों को मशरूम की खेती के बदले में काफी मुनाफा कमाने को मिलता है।

MUSHROOM KI KHETI KAISE KAREN

भारतीय कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार मशरूम मुख्य दो प्रकार के होते हैं। भारत में मशरूम की अलग किस्मों का उत्पादन (MUSHROOM PRODUCTION IN INDIA) तेजी से हो रहा है तथा भारत के कई राज्यों में तो मशरूम उत्पादन की लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही है।

  • बटन मशरूम (BUTTON MUSHROOM) -: बटन मशरूम की खेती अधिकतर कम तापमान वाले क्षेत्रों में की जाती है। लेकिन ग्रीनहाउस गैस की सहायता से अब इसे हर क्षेत्र में उगाया जा सकता है। सरकार द्वारा किसानों को बटन मशरूम की खेती करने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है और बटन मशरूम की खेती के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है।

विधि -: बटन मशरूम की खेती करने के लिए बीज की मात्रा कंपोस्ट खाद के 2-2.5 प्रतिशत के बराबर होनी चाहिए। बीज को अच्छी तरह खाद में लगा दे और उस पर 2 से 3 सेंटीमीटर की एक और खाद की परत चढ़ा दें।

  • ढिंगरी मशरूम -: ढिंगरी मशरूम जोकि ओयस्टर मशरूम के नाम से भी जाना जाता है। ओयस्टर मशरूम की खेती बहुत ही सरल और सस्ती होती है। अन्य मशरूम की तुलना में इसमें अधिक मात्रा में औषधीय गुण पाए जाते हैं। ओयस्टर मशरूम उत्पादन (MUSHROOM PRODUCTION IN INDIA) तेजी से बढ़ रहा है। दिल्ली मुंबई कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े राज्यों में इसकी मांग बढ़ती जा रही है। पिछले 3 वर्षों में ओयस्टर मशरूम की उत्पादन में 10 गुना वृद्धि हुई है। तमिलनाडु और उड़ीसा के गांव में यह काफी बिकता है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात और केरल में ओयस्टर मशरूम की खेती पर किसान ज्यादा ध्यान दे रहे हैं और इन राज्यों में ओयस्टर मशरूम की खेती बढ़ रही है।

विधि -: ओयस्टर मशरूम की खेती के लिए उसके बीज को 7 दिन पहले खरीद लें। साथ में भूसा, पॉलीबैग, कार्बेंडाजिम, फॉर्मेलिन खरीद लें। 1 किलो बीज तथा 10 किलो भूसा उत्पादन के लिए खरीद ले।

अब 10 किलो भूसे को 100 लीटर पानी में 150 मिलीलीटर फॉर्मेलिन, सात ग्राम कार्बेंडाजिम के साथ भिगो दें और भूसे का शोधन करें। शोधन के 12 घंटे बाद भूसे को पानी से निकालें और धूप में एक चारपाई पर बिछा दें ताकि सारा पानी निकल जाए। इसके बाद सूखे भूसे को एक जालीदार बैग में भरें। एक बैग में 3 लेयर बनानी होती है। पहले एक लेयर बनाएं और उस पर बीज डाले और इसी प्रकार अन्य दोनों लेयर भी बनाएं।

CONTRACT FARMING IN INDIA

भारत में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग (CONTRACT FARMING IN INDIA) के अंतर्गत किसान और कांट्रेक्टर के बीच एक समझौता होता है। कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के अनुसार कांट्रेक्टर फसल से संबंधित सभी गतिविधियों जैसे बीज की खरीद, फसल बोने होने और कटने तक का सभी खर्च उठाता है और किसान से फसल खरीद लेता है।

CONTRACT FARMING BENEFITS

किसानों को कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग (CONTRACT FARMING BENEFITS) करके निम्नलिखित प्रकार से लाभ मिलता है-:

  • किसान को अपनी फसल का अच्छा दाम मिल जाता है।
  • बाजार में फसलों के दाम पर कमी होने से किसान को हानि नहीं होती क्योंकि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में वह एक निश्चित दाम पर अपनी फसल की बिक्री तय कर लेता है।
  • पुरानी कृषि विधि में सुधार होता है और किसानों को नए कृषि उपकरणों के साथ खेती करने का अवसर प्रदान किया जाता है।
  • कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए की गई खेती से फसल की क्वालिटी और मात्रा में सुधार होता है।

उम्मीद है आपको हमारे वेब पोर्टल किसान मंडी भाव के जरिए मशरूम की खेती कैसे करें और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग क्या है उसके बारे में जानकारी प्राप्त हुई होगी। मंडी के ताजा भाव जानने के लिए किसान मंडी भाव पोर्टल को फॉलो करें और किसान मंडी भाव वेब पोर्टल पर फसल, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, मशरूम खेती तथा मौसम संबंधित जानकारी प्राप्त करें।

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